2, दिन, 3 कत्ल और अब…’खूनी दरिंदे’ का खाकी ने किया खात्मा, ट्रेनों और अस्पताल में 3 लोगों को सुला चुका था मौत की नींद
अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. जनपद में पिछले 48 घंटों से दहशत का पर्याय बने ट्रिपल मर्डर आरोपी गुरप्रीत सिंह का सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में अंत हो गया. सकलडीहा थाना क्षेत्र के दरियापुर इलाके में लोकेशन इन्वेस्टिगेशन और घटना के रिक्रिएशन के दौरान आरोपी ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे दो गोलियां लगीं. गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है.
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पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के अनुसार, आरोपी गुरप्रीत सिंह ने महज दो दिनों के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देकर पूरे जिले और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मचा दी थी. आरोपी ने पहले दो अलग-अलग ट्रेनों, पैसेंजर ट्रेन और जम्मूतवी एक्सप्रेस में यात्रियों की गोली मारकर हत्या की. इसके बाद सोमवार सुबह अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में घुसकर भर्ती महिला मरीज की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
महिला मरीज की हत्या के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों और स्थानीय नागरिकों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था. इसके बाद पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही थी और वारदातों से जुड़े साक्ष्य जुटा रही थी. पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी को घटनास्थलों पर ले जाकर वारदात का रिक्रिएशन कर रही थी. पहले उसे मुगलसराय स्टेशन और उसके बाद कुचमन रेलवे स्टेशन के पास ले जाया गया. इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया.
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पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गुरप्रीत सिंह को दो गोलियां लगीं. घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक आरोपी गुरप्रीत सिंह पंजाब के अमृतसर का निवासी था और पहले भारतीय सेना में कार्यरत था. वर्ष 2021 में उसे सेना से पदच्युत कर दिया गया था. हाल ही में वह बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के सिलसिले में आया था, लेकिन अत्यधिक शराब पीने की लत के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. पुलिस को आरोपी के पास एक गन बरामद की है.
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