पूर्व मेयर समीर हत्याकांड: 8 साल पुराने दोहरी हत्या मामले में कोर्ट से 6 आरोपी बरी, पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल
मुजफ्फरपुर। शहर के चर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके ड्राइवर रोहित कुमार हत्याकांड में अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया है। यह बहुचर्चित दोहरा हत्याकांड करीब 8 साल पहले 23 सितंबर 2018 की शाम नगर थाना क्षेत्र के नवाब रोड-चंदवारा इलाके में हुआ था, जहां अपराधियों ने एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर पूर्व मेयर और उनके चालक की हत्या कर दी थी।
बरी होने वाले आरोपी और कानूनी प्रक्रिया
अदालत के फैसले के अनुसार, जिन 6 लोगों को बरी किया गया है उनमें सरैया के ट्रांसपोर्टर मृत्युंजय कुमार उर्फ पिंटू सिंह, बेगूसराय के ओंकार सिंह उर्फ रंजय, आमगोला के सुशील छापड़िया, गोबरसही के नवीन कुमार, पूसा रोड के श्यामनंदन मिश्र और सकरा के सुजीत कुमार शामिल हैं। 7 जुलाई को बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, इस मामले में पहले सेशन ट्रायल का फैसला आया है, जबकि दूसरे ट्रायल में गवाहों की गवाही का सिलसिला अभी भी जारी है।
पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल
मृतक समीर के वकील अजय कुमार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले की सही तरीके से जांच नहीं की। समीर की कार से मिले मोबाइल फोन की ठीक से जांच नहीं की गई और वह फोन कहां है, इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी गई। वकीलों और जानकारों का मानना है कि इस घटना में बड़े अपराधियों के शामिल होने के कारण डर के चलते मौके पर मौजूद चश्मदीदों और परिवार के लोगों ने अदालत में पूरी बात खुलकर नहीं रखी। इसके अलावा, जांच से जुड़े सभी पुलिसकर्मियों का तबादला होने और पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपियों को इसका लाभ मिला।
दूसरे ट्रायल में गवाहों की पेशी
दूसरे ट्रायल के तहत अदालत में अब तक पांच गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। हाल ही में पूर्व मेयर के बेटे तुषार भारद्वाज ने पांचवें गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज कराया। इससे पहले पूर्व मेयर की पत्नी वर्षा रानी, भाई सुमित कुमार, ड्राइवर रोहित के पिता राजेश मिश्र और नगर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष मो. शुजाउद्दीन अपनी गवाही दे चुके हैं। इस दूसरे ट्रायल में कटरा के शंभू सिंह, सारण के प्रद्युम्न शर्मा उर्फ मंटू शर्मा और कल्याणी के राजू तुरहा आरोपी हैं।
जमीन विवाद और साजिश की पृष्ठभूमि
पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि कल्याणी मछली मंडी की जमीन पर कब्जे के विवाद और प्रॉपर्टी डीलिंग के चलते इस दोहरे हत्याकांड की साजिश रची गई थी। जांच अधिकारियों द्वारा अलग-अलग चरणों में चार्जशीट दाखिल की गई थी। इस मामले में कुल 11 आरोपियों की संलिप्तता सामने आई थी, जिनमें से दो आरोपी गोविंद शर्मा और आशुतोष शाही की पहले ही अलग-अलग घटनाओं में हत्या हो चुकी है। मुख्य शूटर गोविंद शर्मा की हाल ही में 31 मई 2026 की रात गैंगवार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड का यह फैसला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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